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किसी भी दिन पर दबाइए, उस दिन का पूरा पंचांग नीचे दिखेगा। फ़ोन पर शु5 = शुक्ल पंचमी, कृ5 = कृष्ण पंचमी।
इस महीने के व्रत और त्योहार
पूरे साल के व्रत और त्योहार
चुने हुए साल के सारे बड़े त्योहार और 24 एकादशी एक सूची में।
यह कैलेंडर कैसे बनता है
हर दिन की तिथि उस दिन सूर्योदय के समय चल रही तिथि है, जैसा पंचांग में माना जाता है। इसलिए तिथि आपके शहर के सूर्योदय पर निर्भर करती है, और अलग शहरों में कभी-कभी एक दिन का फ़र्क़ आ सकता है।
- त्योहार के नियम: हर त्योहार के लिए शास्त्र में बताया समय देखा जाता है। जैसे दीपावली, धनतेरस और होलिका दहन के लिए प्रदोष काल (शाम), महाशिवरात्रि के लिए निशीथ काल (आधी रात), राम नवमी और गणेश चतुर्थी के लिए मध्याह्न (दोपहर)।
- महीनों के नाम: कृष्ण पक्ष में महीने का नाम पूर्णिमांत पद्धति से लिखा है, जो उत्तर भारत में चलती है। गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमांत पद्धति चलती है, जहाँ कृष्ण पक्ष पिछले महीने का हिस्सा होता है। त्योहार की तारीख़ दोनों में एक ही रहती है।
- अधिक मास: जिस साल अधिक मास आता है, उस महीने में बड़े त्योहार नहीं होते। कैलेंडर उसे “अधिक” लिखकर दिखाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एकादशी की तारीख़ अलग-अलग कैलेंडर में अलग क्यों होती है?
स्मार्त और वैष्णव (इस्कॉन) परंपरा एकादशी के नियम अलग मानती हैं। यह कैलेंडर सूर्योदय पर एकादशी तिथि के हिसाब से दिन देता है। कभी-कभी दूसरे कैलेंडर में एक दिन पहले भी लिखा मिलता है। व्रत से पहले अपने पंडित जी या मंदिर से पक्का कर लें।
क्या कैलेंडर प्रिंट कर सकते हैं?
हाँ। “प्रिंट / PDF” दबाइए। प्रिंटर न हो तो प्रिंट विंडो में “Save as PDF” चुनिए और PDF WhatsApp पर भेजिए।
किसी एक दिन का पूरा पंचांग कहाँ देखें?
कैलेंडर में दिन पर दबाइए, या पंचांग और शुभ मुहूर्त टूल खोलिए। वहाँ चौघड़िया, राहु काल और शादी जैसे कामों के शुभ मुहूर्त भी मिलेंगे।